अब नहीं बढ़ेगा हवाई किराया, एविएशन सेक्टर के लिए मोदी सरकार का बड़ा ऐलान, 10000 करोड़ के राहत पैकेज को हरी झंडी

ATF Price Stabilisation Fund

ATF Price Stabilisation Fund

नई दिल्ली: ATF Price Stabilisation Fund: पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में आई भारी तेजी से घरेलू विमानन क्षेत्र को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) के लिए ₹10,000 करोड़ की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दी है. इस राशि का उपयोग अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस को एटीएफ मूल्य स्थिरता सहायता प्रदान करने के लिए किया जाएगा.

तेल कंपनियों को ब्याज मुक्त अग्रिम

कैबिनेट के फैसले के अनुसार, यह बजटीय सहायता पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अनुदान मांगों के माध्यम से ओएमसी को ब्याज मुक्त अग्रिम के रूप में दी जाएगी. यह कदम तेल कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की बढ़ती और अस्थिर कीमतों से होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाएगा. यह योजना आगामी 36 महीनों (3 वर्ष) के लिए या अग्रिम राशि की पूरी वसूली होने तक लागू रहेगी.

कैसे काम करेगा यह तंत्र?

यह कोष तेल विपणन कंपनियों को उस स्थिति में मुआवजा देगा, जब अंतरराष्ट्रीय आयात समता मूल्य निर्धारित बेंचमार्क कीमत से अधिक हो जाएगा. इसके विपरीत, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमतें कम होंगी, तो अंतर की राशि ओएमसी से वसूल कर भारत की संचित निधि में वापस जमा कर दी जाएगी. इसके लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय, एयरलाइंस और ओएमसी के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.

विमानन क्षेत्र और यात्रियों को बड़ी राहत

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय एटीएफ की कीमतें मार्च 2026 में ₹60.50 प्रति लीटर से लगभग 2.5 गुना बढ़कर मई 2026 में ₹142 प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं. एयरलाइंस के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी बढ़कर 55% से 60% हो गई थी.

सरकार के इस हस्तक्षेप से विमानन कंपनियों को एक निश्चित मूल्य व्यवस्था मिलेगी, जिससे वे अपने परिचालन और वित्तीय बजट की बेहतर योजना बना सकेंगे. इस फैसले से हवाई किराए में अचानक होने वाली बढ़ोतरी पर रोक लगेगी, जिसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा. साथ ही पर्यटन, आतिथ्य, व्यापार और क्षेत्रीय विकास पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.